Click here for Myspace Layouts

Sunday, March 10, 2013

राजा भैय्या...



राजा भैय्या... प्रतापगढ़ में अर्से से अपनी दबंगई की दुकान चला रहे राजा भैय्या अब मुसीबत में हैं। वजह सीबीआई की वो टीम जो हाथ धोकर राजा के खिलाफ सबूत तलाश रही है। राजा को कानून के जाल में फांसने के लिए सीबीआई ऐसे तरीकों का इस्तेमाल कर रही है जिनसे राजा ही नहीं बल्कि उनके लोग भी अंजान हैं। दरअसल सीबीआई ने राजा के इर्द गिर्द एक ऐसा चक्रव्यूह रच दिया है जिसे तोड़ पाना कम से कम राजा के लिए तो नामुमकिन है।
 अब राजा भैय्या का सामना पहली बार उस दुश्मन से होगा जिससे निपटने का उसे कोई तजुर्बा नहीं है। जी हां सीबीआई कोई थाने की पुलिस नहीं कि सबूत जुटाने के लिए आरोपी को ठोके पीटे... सीबीआई तो अपने शिकार की कमज़ोर कड़ी पर वार करती है। लिहाजा कम पढ़े लिखे राजा के इर्द गिर्द सीबीआई ने रच दिया है इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का चक्रव्यूह। जिससे बचना राजा के लिए नामुमकिन है।
कुंडा में हुई डीएसपी की हत्या के मामले में सीबीआई ने चार्जशीट करते ही राजा भैय्या के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का जाल फैला दिया है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक ना सिर्फ राजा भैय्या के लिए ना सिर्फ ये जाल नया है बल्कि उसके ज्यादातर हट्टे कट्टे गुर्गों का हाथ भी तकनीक के मामले में तंग है।

राजा भैय्या खुद भी कम पढ़े लिखे हैं क्योंकि राजा भैय्या के पिता उदय प्रताप सिंह का मानना था कि बच्चे ज्यादा पढ़ने लिखने से कायर बन जाते हैं। लिहाजा ना तो राजा को ज्यादा पढने का मौका मिला और ना राजा भैय्या को नई तकनीक की खास जानकारी है। ऐसे में सीबीआई को अपनी सर्विलांस टीम से बेहद उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं।  

सीबीआई जानती है कि  कम पढ़ा लिखा राजा भैय्या तकनीक के मामले में ज़ीरो है.. लिहाजा सीबीआई ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के ज़रिये राजा और उसके गुर्गों के खिलाफ सबूत इकट्ठा करने की मुहम शुरू कर दी है। दरअसल सीबीआई को कई ऐसे सवालों  के जवाब तलाशने हैं जो बिना आधुनिक तकनीक के हासिल किए ही नहीं जा सकते हैं। मसलन

-          सीबीआई जानना चाहती है कि वारदात के वक्त राजा भैय्या क्या मौका ए वारदात पर किसी के टच में था?
-          अगर हां तो फिर वो शख्स कौन था जो सीधे राजा से निर्देश ले रहा था?
-          जानना ये भी है कि क्या राजा ने ही डीएसपी के कत्ल का आदेश दिया था, अगर हां तो किसे?
-          सीबीआई के लिए बेहद अहम है डीएसपी की सर्विस पिस्टल को तलाशना क्योंकि वो मामले का बेहद अहम सबूत है।
-          सीबीआई को ये भी पता लगाना है कि उस रात मौके पर मौजूद रहे कौन कौन से शख्स फिलहाल अंडरग्राउंड हैं? क्योंकि डीएसपी के कत्ल में अभी सिर्फ दो लोग ही गिरफ्तार हुए हैं  
सीबीआई के मुताबिक राजा भैय्या के गढ़ में उसके खिलाफ जानकारी जुटाना आसान नहीं है... लिहाजा इंसानों की बजाय उसे तकनीक की मदद लेनी पड़ेगी। और फिलहाल सीबीआई के पास जानकारी जुटाने का यही सबसे कारगर ज़रिया भी है।  

-          CBI ने राजा भैय्या और उनके कई खास समर्थकों को अपने सर्विंलांस पर ले लिया हैं।
-          सीबीआई फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद से मामले के सबूत तलाशने की कोशिश में जुटी है।
-          सीबीआई मामले के दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान भी अपनी विशेष तकनीकों का इस्तेमाल करेगी।
-          सीबीआई राजा भैय्या से भी पूछताछ करते वक्त पूछताछ के आधुनिक तौर तरीकों का इस्तेमाल करेगी।

राजा की मुश्किल ये है कि वो सूबे की पुलिस के साथ तो चोर पुलिस खेलना बखूबी जानता है लेकिन सीबीआई से उसका पाला पहली बार पड़ रहा है और पहली बार ही उसका सामना आधुनिक सर्विलांस टेक्नीक से होगा जिसमें राजा के गच्चा खाने की उम्मीद बहुत ज्यादा है। सीबीआई का रुख सख्त है ये उसने जांच हाथ में लेते ही राजा के खिलाफ हत्या का मुकद्दमा दर्ज कर साबित कर दिया है।
 सीबीआई के हाथों में केस चले जाने से राजा भैय्या की मुश्किलें पहले ही बढ़ गई हैं। सूबे की पुलिस से तो सरकार के करीबी राजा भैय्या कुछ राहत पा भी लेते लेकिन सीबीआई से उन्हें किसी तरह के रहम की उम्मीद नहीं है। लिहाजा सीबीआई की हर हरकत पर राजा भैय्या और उनके समर्थक नज़रें गड़ाए हुए हैं। 
 आने वाले वक्त में राजा और मामले के दो आरोपियों के लाइ डिटेक्टर टेस्ट और ब्रेन मैपिंग का विकल्प भी खुला हुआ है। जाहिर है राजा के लिए हालात बिल्कुल नए हैं... पुलिस से तो वो निपट भी लेता लेकिन इस मामले की जांच सीबीआई के हाथ चले जाने से राजा एक ऐसे चक्रव्यूह में आ खड़ा हुआ है जिसे ना तो वो पहचानता है और ना तोड़ना जानता है। देखना होगा कि राजा सीबीआई की तफ्तीश के सामने कब तक टिक पाता है।



 

Tuesday, February 26, 2013

महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए नया कानून पास हो गया

कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न को रोकने के लिए नया कानून पास हो गया है....इस कानून के बनने से ये उम्मीद जगी है कि महिलाओं को कामकाज के लिए स्वतंत्र और बेहतर माहौल मिल पाएगा। राज्यसभा ने उस महत्वपूर्ण विधेयक को पास कर दिया है, जिससे महिलाओं को कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न, शोषण और छेड़छाड़ से मुक्ति मिल सके...सरकारी दफ्तरों और निजी कार्यस्थलों पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न रोकने और कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्यसभा में महिला यौन उत्पीड़न निरोधक विधेयक पास किया गया है....।
बाइट- कृष्णा तीरथ
इस कानून का उद्देश्य कामकाजी महिलाओं को, चाहे वे संगठित क्षेत्र की हों या अंसठित क्षेत्र की, कामकाज का स्वतंत्र माहौल उपलब्ध कराना है....यह विधेयक सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं के लिए जरूरी था।
बाइट- स्मृति ईरानी
इस कानून के बन जाने से अब सभी नियोक्ताओं को अपने यहां यौन उत्पीड़न मुक्त वातावरण बनाने और यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच के लिए एक आंतरिक समिति का गठन करना होगा.....जो इस बात को पक्का करेगी की उनके यहां महिलाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

बुद्ध नगरी में दौड़ेगी रेल...



लंबे अर्से से भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर की अधूरी पड़ी हसरत अबकी रेल बजट 2013-14 में पूरी हुई, जब सदन में रेल बजट के दौरान रेल मंत्री पवन बंसल ने मंगलवार को कुशीनगर को रेल लाइन से जोड़ने की घोषणा की। इसके साथ ही पर्यटन विकास की संभावनाओं को भी पंख लग गए हैं।
बताते चलें कि इस अंतरराष्ट्रीय पयर्टक केंद्र को अरसे से रेल सुविधा की दरकार थी। आने वाले हर रेल बजट में इसकी आस जगती और मिट जाती थी। यही वजह रही कि आजादी के बाद से आज तक यहां रेल लाइन न बिछ सकी और न ही रेल दौड़ सकी। अधूरी पड़ी हसरत के साथ पर्यटन विकास को भी धक्का लगता रहा।
इस बार कुशीनगर को पूरा तवज्जो मिला और रेल मंत्री ने सदन में घोषणा की कि सिद्धार्थनगर से पडरौना वाया कुशीनगर होते हुए गोरखपुर ट्रेन दौड़ेगी। मतलब बुद्ध स्थली कुशीनगर भी अब रेल की पटरी से जुड़ जाएगी। इसके साथ ही यहां पर्यटन विकास-व्यवसाय को भी पंख लग गए हैं। बताते चले कि रेल लाइन की सुविधा न होने से सैलानियों की अपेक्षित संख्या कुशीनगर नही पहुंच पाती है। जब रेल दौड़ेगी तो पर्यटन व्यवसाय भी दौड़ेगा।

मंत्री जी ने रेल बजट में 67 नई एक्सप्रेस गाड़ियों का दिया तोहफा...देखिए कौन सी रेल आपके इलाके से गुजर रही है:-

मंत्री जी ने रेल बजट में 67 नई एक्सप्रेस गाड़ियों का दिया तोहफा...देखिए कौन सी रेल आपके इलाके से गुजर रही है:-

1. अहमदाबाद-जोधपुर एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया समदड़ी, भिलड़ी
2. अजनी (नागपुर)-लोकमान्य तिलक (टी) एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया हिंगोली
3. अमृतसर-लालकुआं एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया चंडीगढ़
4. बांद्रा टर्मिनस-रामनगर एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया नागदा, मथुरा, कानपुर, लखनऊ, रामपुर
5. बांद्रा टर्मिनस-जैसलमेर एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया मारवाड़, जोधपुर
6. बांद्रा टर्मिनस-हिसार एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया अहमदाबाद, पालनपुर, मारवाड़, जोधपुर, डेगाना
7. बांद्रा टमिर्नस-हरिद्वार एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया वलसाड
8. बेंगलूरू-मंगलोर एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
9. बठिंडा-जम्मू तवी एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया पिटयाला, राजपुरा
10. भुवनेश्वर-हज़रत निजामुद्दीन एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया संबलपुर
11. बीकानेर-चेन्नै एसी एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया जयपुर, सवाईमाधोपुर, नागदा, भोपाल, नागपुर
12. चंडीगढ़-अमृतसर इंटरिसटी एक्सप्रेस (दैनिक) वाया साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली), लुधियाना
13. चेन्नै-करईकुडी एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
14. चेन्नै-पलनी एक्सप्रेस (दैनिक) वाया जोलारपेट्टै, सेलम, करूर, नामक्कल
15. चेन्नै एग्मोर-तंजावूर एक्सप्रेस (दैनिक) वाया जिवलुपुरम, मइलादुतुरै
16. चेन्नै-नागरसोल (साई नगर शिरडी के लिए) एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया रेणिगुंटा, धोने, काचेगुडा
17. चेन्नै-वेलनकन्नी लिंक एक्सप्रेस (दैनिक) वाया विलुपुरम, मइलादुतुरै, तिरूवरूर
18. कोयंबटूर-मन्नारगुडी एक्सप्रेस (दैनिक) वाया तिरूचिरापल्ली, तंजावूर, निदामंगलम
19. कोयंबटूर-रामेश्वरम एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
20. दिल्ली-फिरोज़पुर इंटरिसटी एक्सप्रेस (दैनिक) वाया बठिंडा
21. दिल्ली सराय रोहिल्ला-सीकर एक्सप्रेस (सप्ताह में दो दिन) आमान परिवर्तन के बाद
22. दिल्ली-होशियारपुर एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
23. दुर्ग-जयपुर एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
24. गांधीधाम-विशाखापटनम एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया अहमदाबाद, वर्धा, बल्लारशाह, विजयवाड़ा
25. हज़रत निजामुद्दीन-मुंबई एसी एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया भोपाल, खंडवा, भुसावल
26. हावड़ा-चेन्नै एसी एक्सप्रेस (सप्ताह में दो दिन) वाया भिक, दुव्वादा, गुडूर
27. हावड़ा-न्यू जलपाईगुडी एसी एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया मालदा टाऊन
28. हुबली-मुंबई एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
29. इंदौर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया देवास, उज्जैन, गुना, ग्वालियर, हज़रत निजामुद्दीन
30. जबलपुर-यशवंतपुर एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया नागपुर, धमार्वरम
31. जयपुर-लखनऊ एक्सप्रेस (सप्ताह में तीन दिन) वाया बांदीकुई, मथुरा, कानपुर
32. जयपुर-अलवर एक्सप्रेस (दैनिक)
33. जोधपुर-जयपुर एक्सप्रेस (दैनिक) वाया फुलेरा
34. जोधपुर-कामाख्या (गुवाहाटी) एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया डेगाना, रतनगढ़
35. काकीनाडा-मुंबई एक्सप्रेस (सप्ताह में दो दिन)
36. कालका-साई नगर शिरडी एक्सप्रेस (सप्ताह में दो दिन) वाया हज़रत निजामुद्दीन, भोपाल, इटारसी
37. कामाख्या (गुवाहाटी)-आनंद विहार एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया किटहार, बरौनी, सीतापुर कैण्ट, मुरादाबाद
38. कामाख्या (गुवाहाटी)-बेंगलूरू एसी एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
39. कानपुर-आनंद विहार एकसप्रेस (साप्ताहिक) वाया फरूर्ख़ाबाद
40. कटिहार-हावड़ा एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया मालदा टाऊन
41. कटरा-कालका एक्सप्रेस (सप्ताह में दो दिन) वाया मोरिन्डा
42. कोलकाता-आगरा एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया अमेठी, राय-बरेली, मथुरा
43. कोलकाता-सीतामढ़ी एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया झाझा, बरौनी, दरभंगा
44. कोटा-जम्मू तवी एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया मथुरा, पलवल
45. कुनूर्ल टाऊन-सिंकदराबाद एक्सप्रेस (दैनिक)
46. लोकमान्य तिलक (टी)-कोचुवेली एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
47. लखनऊ-वाराणसी एक्सप्रेस (सप्ताह में 6 दिन) वाया राय-बरेली
48. मडगांव-मंगलोर इंटरिसटी एक्सप्रेस (दैनिक) वाया उडुपी, करवार
49. मंगलोर-काचेगुडा एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया धोने, गूत्ती, रेणिगुंटा, कोयंबतूर
50. मऊ-आनंद विहार एक्सप्रेस (सप्ताह में 2 दिन)
51. मुंबई-सोलापूर एक्सप्रेस (सप्ताह में 6 दिन) वाया पुणे
52. नागरकोइल-बेंगलूरू एक्सप्रेस (दैनिक) वाया मदुरै, तिरूचिरापल्ली
53. नई दिल्ली-कटरा एसी एक्सप्रेस (सप्ताह में 6 दिन)
54. निजामाबाद-लोकमान्य तिलक (टी) एक्सेप्रेस (साप्ताहिक)
55. पटना-सासाराम इंटरिसटी एक्सप्रेस (दैनिक) वाया आरा
56. पाटलीपुत्र (पटना)-बेंगलूरू एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया छिवकी
57. पुडुचेरी-कन्याकुमारी एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया विल्लुपुरम, मइलादुतुरै, तिरूचिरापल्ली
58. पुरी-साई नगर शिरडी एक्सप्रेस (साप्ताहक) वाया संबलपुर, टिटलागढ़, रायपुर, नागपुर, भुसावल
59. पुरी-अजमेर एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया आबू-रोड
60. राधिकापुर-आनंद विहार लिंक एक्सप्रेस (दैनिक)
61. राजेन्निगर टर्मिनस (पटना)-न्यू तिनसुकिया एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया कटिहार, गुवाहाटी
62. तिरूपति-पुडुचेरी एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
63. तिरूपति-भुवनेश्वर एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया विशाखापटनम
64. उना/नंगल डैम-हजूर साहेब नांदेड़ एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया आनंदपुर साहिब, मोरिंडा, चंडीगढ़, अंबाला
65. विशाखापटनम-जोधपुर एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया टिटलागढ़, रायपुर
66. विशाखापटनम-कोल्लम एक्सप्रेस (साप्ताहिक)
67. यशवंतपुर-लखनऊ एक्सप्रेस (साप्ताहिक) वाया राय-बरेली, प्रतापगढ़

रेल बजट 2013

हाइलाइट
1.      रिजर्वेशन और कैंसलेशन चार्ज बढ़ाया गया है।
2.      हंगामे के बीच बजट भाषण खत्म।
3.      67 एक्सप्रेस और 27 नई पैसेंजर गाड़ियां चलाई जाएंगी।
4.      तत्काल और सुपरफास्ट टिकट महंगा होगा।
5.      अजमेर से कोटा नई लाइन का प्रस्ताव।
6.      22 नई रेल लाइनों की शुरुआत। 450 किलोमीटर की छोटी लाइनें बड़ी लाइनों में बदली जाएंगी।
7.      नया शिकायत नंबरः 1800-111-321
8.      मुंबई में 72, कोलकाता में 18 नई लोकल ट्रेनें।
9.      तत्काल का चार्ज बढ़ा।
10.     कोलकाता, चेन्नै में गाड़ियों के डिब्बों की संख्या बढ़ेगी।
11.     2014 में नई रेल लाइनें बिछाई जाएंगी।
12.     मुंबई लोकल में और एसी डिब्बे लगाए जाएंगे।
13.     सरचार्ज का मतलब है कि डीजल का दाम बढ़ेगा तो किराया बढ़ेगा।
14.     कारखानों पर ध्यान दिया आपने? कालाहांडी को छोड़ दें तो सारे कारखाने कांग्रेस शासित राज्यों को मिले हैं।
15.     साल में दो बार सरचार्ज तय होगा।
16.     फ्यूल अजस्टमेंट सरचार्ज लगाया जाए।
17.     डीजल-बिजली महंगी होने से रेलवे पर बोझ बढ़ा है।
18.     फिलहाल यात्री किराया नहीं बढ़ेगा।
19.     किराया ईंधन की कीमतों के हिसाब से बढ़ना-घटना चाहिए।
20.     हर साल 5 से 6 फीसदी किराया बढ़ना चाहिए।
21.     यात्री किराया बढ़ाने की जरूरत है।
22.     निजी क्षेत्र में से 600 करोड़ और बाजार से 1500 करोड़ रुपये लेंगे।
23.     1 लाख 43 हजार 742 करोड़ की कुल आमदनी का अनुमान।
24.     5.2 फीसदी यात्री बढ़ सकते हैं।
25.     और ज्यादा लेडीज स्पेशल लोकल ट्रेनें चलेंगी।
26.     यात्री किराये से 32,500 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य।
27.     10,700 अनमैन्ड क्रॉसिंग बंद की जाएंगी।
28.     सोलर एनर्जी के इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा।
29.     सिकंदराबाद में नया ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट बनाया जाएगा।
30.     स्वतंत्रता सेनानियों को हर साल के बजाय अब तीन साल में पास रिन्यू कराना होगा।
31.     रेलवे का कचरा बेचकर 4500 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे।
32.     लोहे की खदानो ंको रेल से जोड़ने के लिए 800 करोड़ रुपये।
33.     25 साल में पहली बार रेलवे ने कोई खास ग्रांट की मांग नहीं रखी है। 2011-12 में 3000 करोड़ का कर्ज लेना पड़ा था। यह कर्ज चुकाया जा चुका है।
34.     फिजूल के खर्चे रोकने पर काम होगा।
35.     केरल में नई रेल कोच फैक्ट्री लगेगी।
36.     वीरता पुरस्कार जीतने वाले सैनिकों को रेल पास मिलेगा।
37.     नैशनल रेल म्यूजियम पर खास ध्यान दिया जाएगा।
38.     हेरिटेज ट्रेनें भारत को स्विट्जरलैंड जैसे देशों की श्रेणी में रखती हैं। पहाड़ी क्षेत्र में चलने वाली ये खास ट्रेनें बरकरार रखी जाएंगी।
39.     नागपुर में एक ट्रेनिंग संस्थान। बंदरगाहों को जोड़ने के लिए 9000 करोड़ रुपये।
40.     खिलाड़ियों को मिले पास राजधानी के साथ-साथ दुरंतो एक्सप्रेस में भी लागू होंगे।
41.     रेलवे के सुशील कुमार ने ओलिंपिक में पदक जीता। रेलवे 9 राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताएं जीत चुका है। राजीव गांधी खेल रत्न, ध्यानचंद पुरस्कार जीतने वाले खिलाड़ियों को रेलवे का पास मिलेगा।
42.     महिला रेल कर्मचारियों के लिए हॉस्टल की सुविधा होगी।
43.     कुरनूल में भी लगेगी रेल फैक्ट्री।
44.     रेलवे स्टाफ क्वॉर्टर बनाने के लिए 300 करोड़ रुपये।
45.     रेलवे सुरक्षा कर्मियों के बैरकों की स्थिति में सुधार होगा।
46.     स्टाफ क्वॉर्टर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत बनाए जाएंगे।
47.     पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए चंडीगढ़ में आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाया जाएगा।
48.     डेढ़ लाख वेकेंसी भरने के लिए 60 शहरों में रेलवे रिक्रूटमेंट।
49.     कैटरिंग में प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं होगा।
50.     सोनिया गांधी के चुनाव क्षेत्र राय बरेली में एक और फैक्ट्री लगाने का प्रस्ताव। लोकसभा में शोर-शराबा।
51.     कालाहांडी में मालगाड़ी के डिब्बे बनाने का कारखाना लगेगा।
52.     रायबरेली में नई रेल फैक्ट्री बनेगी।
53.     कालाहांडी में वैगनवील वर्कशॉप बनाई जाएगी।
54.     सोनीपत में कोच फैक्ट्री की स्थापना का प्रस्ताव।
55.     दिल्ली के तीन स्टेशनों पर 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
56.     अब कोई नई अनमैन्ड क्रॉसिंग नहीं बनेगी।
57.     मणिपुर को जोड़ने के लिए नई रेल लाइन।
58.     एक मिनट में 7200 टिकट जारी करने के सिस्टम पर विचार हो रहा है।
59.     बुकिंग के लिए नए सिस्टम से हर मिनट में 1700 टिकट बुक हो सकेंगे।
60.     पटना, आगरा, नागपुर, बैंगलोर में बनेंगे लाउंज।
61.     नई दिल्ली समेत 8 जगहों पर एग्जेक्यूटिव लाउंज बनाए जाएंगे।
62.     वैष्णो देवी यात्रियों को ट्रेन में ही यात्रा पर्ची देने पर विचार किया जा रहा है।
63.     टूरिस्टों के लिए आजादी एक्सप्रेस चलेगी।
64.     रेलवे सेफ्टी फंड से काफी फायदा हुआ है।
65.     रिजर्व टिकट पर आईकार्ड रखना जरूरी।
66.     खाने की क्वॉलिटी लगातार चेक करने के लिए एक सिस्टम बनाया जाएगा।
67.     काकोदकर, पित्रोदा कमिटी की सिफारिशों पर विचार होगा।
68.     मोबाइल से भी ई-टिकट बुकिंग होगी।
69.     रेलवे में आधार कार्ड का इस्तेमाल होगा।
70.     और आधुनिक ई-टिकट सिस्टम लागू होगा।
71.     बड़ी ट्रेनों में शताब्दी और राजधानी ट्रेनों जैसा एक कोच लगाया जाएगा।
72.     पिछले साल रेलवे को 24,600 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।
73.     क्रॉसिंग पर हादसे रोकने के लिए 3700 करोड़ रुपया चाहिए।
74.     सीनियर सिटिजन के लिए बड़े स्टेशनों पर 400 लिफ्ट लगेंगी।
75.     कुछ ट्रेनों में आधुनिक सुविधाओं वाला अनुभूति डिब्बा लगाया जाएगा।
76.     डिब्बों में आग लगने से रोकने के उपाय हुए हैं। और ज्यादा स्मोक डिटेक्टर्स लगाए जाएंगे।
77.     टिकट से जुड़ी सारी जानकारी SMS और फोन पर मिलेगी।
78.     चुनिंदा ट्रेनों में वाई फाई सुविधा देने का प्रस्ताव।
79.     बेहतर धुलाई के लिए 8-10 लॉन्ड्रियां बनेंगी।
80.     बायो टॉइलट की संख्या बढ़ाई जाएगी।
81.     6 रेल नीर बॉटलिंग प्लांट लगाए जाएंगे।
82.     आरपीएफ की भर्ती में महिलाओं को 10 फीसदी आरक्षण दिया जाएग।
83.     12वीं पंचवर्षीय योजना में रेलवे को 5.19 लाख करोड़ रुपये मिले हैं।
84.     दुर्घटना हो तो एक सहायता ट्रेन तेजी से हादसे की जगह पहुंचे, इसका प्रस्ताव है: पवन बंसल
85.     इलाहाबाद हादसे ने संदेश दिया कि यात्री सुरक्षा मजबूत करनी होगीः पवन बंसल
86.     इलाहाबाद हादसे का बहुत दुख है। उसने हमें हिला दिया हैः पवन बंसल
87.     फंड की कमी की वजह से कई प्रॉजेक्ट फंसे हुए हैं: रेल मंत्री
88.     ज्यादा गाड़ियों के कारण रेलवे का घाटा बढ़ता जा रहा हैः पवन बंसल
89.     चार महीने में मुझे लोगों की उम्मीदें जानने का मौका मिलाः पवन बंसल
90.     संसद में पूर्व रेल मंत्री लालू यादव गंभीर मुद्रा में नजर आ रहे हैं।
91.     सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर राजीव गांधी तक का आभार व्यक्त किया है पवन बंसल ने।
92.     रेल मंत्री पवन बंसल का बजट भाषण शुरू।
93.     रेल बजट पेश होने से ठीक पहले सेंसेक्स में 130 पॉइंट्स की गिरावट।


94.     महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिएः पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी

95.     रेल मंत्री के लिए अच्छी खबर नहीं है। मध्य प्रदेश के गुलाबगंज में एक ट्रेन से कटकर दो बच्चियों की मौत हो गई है। नाराज लोगों ने रेलवे स्टेशन पर तोडफोड़ की है। कई ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

Friday, February 22, 2013

झमाझम बारिश....!

झमाझम बारिश की वजह से दिल्ली में एक बार फिर से मौसम का मिजाज बदल गया है… सुबह सुबह हुई बारिश ने राजधानी का पारा लुढ़का दिया ...मौसम विभाग के अनुसार ये बारिश आज पूरे दिन रुक रुककर हो सकती है..यहां हम आपको बता दें कि मौसम विभाग ने एक सप्ताह पहले ही बता दिया था कि दिल्ली के आस पास के इलाके में बाइस से पच्चीस तारीख के बीच बारिश हो सकती है..साथ ही मौसम विभाग की भविष्यवाणी में ये भी कहा गया था कि इस बारिश के बाद दिल्ली समेत उत्तर भारत से ठंड की विदाई हो जाएगी..

हैदराबाद ब्लास्ट

हैदराबाद ब्लास्ट मामले की जांच तेज हो गई है..... इसी जांच के सिलसिले में शुक्रवार शाम पांच घंटे से ज्यादा स्पेशल सेल की एक टीम ने तिहाड़ जेल में बंद इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी मकबुल से पूछताछ की है....मकबूल को पूणे ब्लास्ट के आरोप में गिरफ्तार किया गया था...उसपर दिलसुखनगर में भी रियाज भटकल के कहने पर रेकी करने का आऱोप है।

Tuesday, September 4, 2012

फिल्मों में दिखेगा सिगरेट का कश


फिल्मों में अक्सर सिगरेट के कश लगाने के दृश्य को लेकर विवाद होता रहा है, लेकिन आपको बता दें अब जल्द ही केन्द्र सरकार ऐसे दृश्यों की अनुमति प्रदान कर सकती है, हालांकि दृश्य से पहले धूम्रपान से होने वाले नुकसान की वैधानिक चेतावनी दिखाना अनिवार्य होगा। इस मसले पर मंगलवार को केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि इस मामले में वो अधिसूचना जारी करने को तैयार है।
केंद्र सरकार फिल्मों में सिगरेट के कश लगाने के दृश्यों को अनुमति प्रदान कर सकती है। लेकिन ये तभी संभव हो सकेगा जब दृश्य से पहले धूम्रपान से होने वाले नुकसान से संबंधित वैधानिक चेतावनी प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।  सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पी. सदाशिवम और जस्टिस रंजन गोगोई की पीठ के समक्ष सरकार ने कहा कि 14 सितंबर को यह अधिसूचना जारी होगी। केंद्र की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता वी. शेखर ने कहा कि  अधिसूचना के तहत धूम्रपान के विरुद्ध चेतावनी फिल्म की शुरुआत, मध्यांतर और धूम्रपान के दृश्य के दौरान दिखानी होगी। अधिवक्ता शेखर ने कहा कि नई अधिसूचना उन सभी अधिसूचनाओं से ऊपर होगी जो धूम्रपान के दृश्य पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में पहले जारी की गई थी’ सर्वोच्च अदालत ने हालांकि  ‘हीरोईन’  फिल्म के प्रदर्शन की अनुमति के लिए छूट दिए जाने की दलील को अस्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई टाल दी। आपको बता दें कि इस फिल्म में नायिका के सिगरेट के कश लगाने के दृश्य हैं। निर्माता-निर्देशक इन्हें फिल्म में रखना चाहते हैं। लेकिन नई अधिसूचना के बाद धूम्रपान के ऐसे दृश्यों पर से रोक हट जाएगी।..फिल्म निर्माता महेश भट्ट की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 जनवरी, 2008 को केंद्र की ओर से अक्टूबर 2006 में जारी अधिसूचना को खारिज कर दिया था। इसमें फिल्मों और टेलीवीजन में धूम्रपान व तंबाकू संबंधी पदार्थ का सेवन दिखाने पर रोक लगा दी गई थी। हाईकोर्ट ने आदेश में कहा था कि ‘इस प्रकार के दृश्यों अर्थात सच्चाई को कानून के जरिए दिखाने से नहीं रोका जा सकता। यह संविधान के अनुच्छेद 19 में प्रदान अधिकारों का उल्लघंन है। हाईकोर्ट ने कहा था कि यदि अच्छाई दिखाई जाती है तो नकारात्मक पहलुओं को भी दिखाना जरूरी है’
वर्तमान में फिल्म और टेलीवीजन आज समाज का आइना बन गए हैं फिल्मों में जो दिखाया जाता है वो समाज में किसी न किसी रुप में घटित हो चुका होता है या फिर किसी सच्ची घटना पर आधारित होता है..तो फिर समाज को आइना दिखा देने से परहेज क्यों...और जब धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों पर वैधानिक चेतावनी के बाबजूद आम आदमी इसका धडल्ले से इस्तेमाल कर रहा है तो फिर मात्र दृश्य में सच्चाई दिखा देने पर भी एतराज नहीं होना चाहिये...वहीं इस बात में भी दम है कि इस तरह के दृश्यों से युवा और बच्चों पर पड़ने वाले असर के आखिर क्या परिणाम होंगे?

Sunday, September 2, 2012

सपा विधायक की गुंडागर्दी


समाजवादी पार्टी की सरकार क्या आई सपा विधायकों और नेताओं की गुंडई और दबंगई शुरू हो गयी...कानपुर में भी इसी तरह की दबंगई और गुंडई की एक कहानी ने करीब 5000 छात्र छात्राओं के भविष्य को दांव पर लगा दिया है....
कानपुर का एक स्कूल...जिस स्कूल के बच्चों को अपनी पढ़ाई लिखाई के लिये "वी वांट जस्टिस" के नारे लगाने पड़ रहे हैं ..और उसके परिसर में स्कूली ड्रेस पहने स्कूल के सैकड़ों छात्र छात्राएं...हाथों में किताबे पेन और कापियों की जगह पोस्टर और बैनर....और गूंजती हुई आवाजें और नारे...पूरे स्कूल में अफरा तफरी का माहौल.. और मैनेजमेंट के बीच तीखी नोंक झोंक...और कहीं रोती बिलखती स्कूल की प्रिंसिपल... जी हाँ ! कुछ ऐसा ही नज़ारा है इस वक़्त कानपुर के हलीम मुस्लिम इंग्लिश स्कूल का....यहाँ पढाई के बजाय हंगामा बरपा है और वह भी तब जब छात्र छात्राओं के "होम इग्जाम" चल रहे हैं...और इस सबकी वजह है कानपुर के सपा विधायक हाजी इरफ़ान सोलंकी की दबंगई और गुंडई....सपा विधायक ने प्रदेश सरकार की हनक और प्रशासन की मदद से इस हलीम मुस्लिम इंग्लिश स्कूल पर अपना कब्जा कर लिया है...
केवल इतना ही नहीं इस कब्जे के बाद स्कूल की मौजूदा प्रिंसिपल शैला वली और मैनेजर इरशाद आलम को निकाल कर सपा विधायक ने अपने चचा मेराज सोलंकी को स्कूल का नया मैनेजर और भाई रिजवान सोलंकी को डिप्टी मैनेजर की कुर्सी भी सौंप दी और खुद स्कूल के मालिक की कुर्सी पर जम गये... बबाल तब बढ़ा जब छात्र छात्राओं और अभिभावकों को स्कूल पर सपा विधायक इरफ़ान सोलंकी के कब्जा करने की बात पता चली....स्कूल खोला गया था लेकिन प्रिंसिपल के कमरे के बाहर प्रिंसिपल शैला वली को हटाये जाने का नोटिस और मैनेजर के कमरे के बाहर सपा विधायक के भाई और चाचा के नाम की नेम प्लेट लगी थी...स्कूल प्रशासन के कमरे में खुद सपा विधायक इरफ़ान सोलंकी कुर्सी पर कब्जा जमाये बैठे थे....
यहाँ पर यह भी बताना ज़रूरी है कि कानपुर में हलीम मुस्लिम डिग्री कालेज, हलीम जुबली कालेज और हलीम मुस्लिम इंग्लिश स्कूल तीन ऐसे कालेज हैं जिन्हें कानपुर की मुस्लिम एसोसियेशन संचालित करती है....इन तीनों स्कूलों और कालेजों से होने वाली आमदनी ने मुस्लिम एसोसियेशन में भी "फूट" डाल दी और एसोसियेशन के दो गुट हो गये...एक गुट हाजी रिजवान उल्लाह का और दूसरा सपा विधायक इरफ़ान सोलंकी और उसके परिवार का.....हाजी रिजवान अभी तक स्कूल की बागडोर को हाथ में लिए ...दोनों गुट स्कूल पर अपना अपना कब्जा जताने की कोशिशों में लगे रहते हैं...इस को लेकर दोनों गुटों के बीच मामला "हाईकोर्ट" में भी विचाराधीन है...लेकिन इसी बीच सपा विधायक ने अपनी दबंगई के बल पर स्कूल पर कब्जा जमा लिया...यूपी में सपा की सरकार है सो विधायक इस दबंगई के आगे सरकार कुछ बोलने को तैयार नहीं और छात्रों भविष्य दांव पर हैं ।





रंग लाई प्रमोद कृष्णन की कोशिश


 गंगा को प्रदूषण मुक्त करने की लडाई अब लखनऊ तक पहुंच गयी। गंगा मुक्ति संग्राम के प्रमुख प्रमोद कृष्णन ने लखनऊ आकर यहां मुस्लिम धर्मगुरुओँ से मुलाकात की। उन्होंने मु्स्लिम समाज से गंगा की लडाई में आने की अपील की । वहीं मुस्लिम धर्मगुरु गंगा समेत सभी प्राकृतिक संसाधनों के लिये एक अलग मंत्रालय की भी मांग की है। 
आचार्य प्रमोद कृष्णन और मुस्लिम धर्मगुरू यूं ही नहीं मिल रहे। उनके मिलने का मकसद देश की राष्ट्रीय नदी की बीमारी दूर करना है। इस मुद्दे पर  गंगा मुक्ति संग्राम काफी समय से काम कर रहा है । इसके प्रमुख आर्चाय कृष्णन ने मुस्लिम समाज को इस लडाई में आगे आने की अपील की। कहा बिना मुस्लिम समाज की भागेदारी गंगा का भला नहीं हो सकता। ऐसे में मुस्लिम समाज इस लडाई में शामिल ना होना बेइमानी होगी। साथ ही ये भी कहा कि मां बीमार है तो दोनो बच्चों को आगे आना ही होगा।
उत्तर प्रदेश के  मौलाना ने खुले दिल से आचार्य और उनके मुद्दे का स्वागत किया। कहा मुस्लिम समाज के लिये भी गंगा महत्वपूर्ण है। अगर गंगा नहीं रही तो सबका नुकसान होगा। आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल  लॉ बोर्ड के सदस्य और शाही इमाम लखनऊ मौलाना खालिद रशीद ने तो इसके दो कदम आगे की बात कही।
उत्तर प्रदेश में शिया धर्मगुरुओं ने भी गंगा के महत्व पर हामी भरी। ये भी कहा कि हिंदुओं के लिये गंगा का धार्मिक महत्व है तो पानी का साफ और पाक होना मुस्लिम समाज में वजू के लिये भी जरुरी है। ऐसे में गंगा समेत सभी नदियों की हर लडाई में मुस्लिम हिंदुओँ के साथ हैं...
उत्तर प्रदेश के मौलानाओं ने साबित कर दिया कि छोटे छोटे झगडे एक तरफ जब बात मुल्क की हो तो सभी एक साथ है। शायद यही देश की गंगा जमुनी तहजीब है जिसके लिये लखनऊ का देश में अलग मुकाम है।